कार्तिक माह को विशेष महत्व

हाल ही में #कार्तिक माह समाप्त हुआ हैं, भारतीय सनातन परंपरा में कार्तिक माह को विशेष महत्व दिया गया हैं। इस माह में किसी भी कार्य को संपूर्ण नियम से करने की शिक्षा पर जोर दिया जाता हैं। वैसे तो इस माह में बहुत कहानियाँ प्रचलित हैं जिनके द्वारा हम जीवन जीने के सबक आसानी से सीख सकते हैं और अपनी दैनिक दिनचर्या में अपना सकते हैं परंतु एक कहानी मुझे कई मायनों में विशेष लगीं जो हमें संपूर्ण #अध्यात्म का सार अत्यन्त सरल शब्दों में समझा देती हैं।

तो कहानी कुछ इस तरह है कि एक सेठ सेठानी पुरे नियम एवं निष्ठां से कार्तिक माह स्नान व्रत करते थे। उनके पास सब कुछ था सिवाय संतान के। जब थोड़ी उम्र बड़ी तो उन्होंने एक गरीब कन्या को अपनी बहू बना लिया और उससे कहा कि उनका बेटा काशी में पढ़ाई करने गया हुआ हैं । एक दिन बहु को सच्चाई पता चल जाती हैं तो वो उनसे घर के कमरों की चाबी मांगती हैं जिसे वो दे देते हैं। बहु घर के छः कमरों को खोलती हैं तो उसे उनमें धन, धान्य, वस्त्र, बहुमूल्य जवाहरात इत्यादि मिलते हैं परंतु वो और आगे जाती हैं और सातवां कमरा भी खोलती हैं, वहां पर उसे जो मिलता हैं वह देख कर चकित रह जाती हैं और सबसे ज्यादा ख़ुश होती हैं। जब शाम को सेठ सेठानी वापस आते हैं तो वह उनसे कहती है कि आप दोनों बाहर क्यों जाते हो जब सब कुछ घर के अंदर ही हैं? बहु की बातें सेठ सेठानी को समझ नहीं आती और वो उससे कहते हैं कि हम पूजा पाठ करने के लिए ही तो जाते हैं और भला गंगा जमुना, सभी 33 कोटि देवता इत्यादि घर के अंदर कहाँ मिलेंगे? बहु नें सातवें कमरे को खोल के दिखाया जहाँ पर सभी देवता निवास कर रहे थे और उनका पुत्र भी पढ़ाई कर रहा था, जिसे पाकर तीनों ही अत्यन्त आनंदित हो गए। कुछ भी शेष पाने की इच्छा ना रहीं।

बस यही बात अध्यात्म हमें सीखाना चाहता हैं कि जब तक अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए बाहर भटकते रहोगे तो सब कुछ होते हुए भी आनंदित ना हो पाओगे परंतु जैसे ही #यात्रा का रुख अंदर की तरफ मोड़ दोगे और छः चक्रों – काम, लोभ, क्रोध, मद, मोह, माया रूपी कमरों से आगे बढ़ोगे तो सातवाँ चक्र भीतर बैठे ईश्वर से मिलवा देगा जहाँ #संपूर्ण #आनंद हैं और कुछ भी शेष नहीं हैं।

जाता हुआ वर्ष 2020 भी तो हमें कुछ यही सबक सिखा रहा हैं कि बहुत हुआ बाहरी यात्रा का दौर, अब मन रूपी घर में यात्रा की शुरुआत की जाएँ और अपने सातवें कमरे को खोला जाये जहाँ संपूर्ण आनंद हमारा इंतज़ार कर रहा हैं।

तो क्या ख्याल हैं? नए वर्ष का स्वागत एक नयी यात्रा की शुरुआत से किया जाएँ?

आप सभी को आने वाले नए वर्ष 2021 की अग्रिम शुभकामना सहित स्वस्थ रहें सुरक्षित रहें

प्रेरणा की कलम से ✍️

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