आत्मनिर्भर का मतलब !!

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आत्मनिर्भर का मतलब यह नहीँ है की आई फोन की जगह लावा का फोन इस्तेमाल करना शुरु कर देना है।
इसका मतलब है आई फोन जैसे फोन को निर्माण करने की क्षमता विकसित करनी है।

आत्मनिर्भर का मतलब यह नहीं है की तुरन्त BMW को फेककर मारुती पर आ जाना है।
इसका मतलब है BMW के क्वालिटी की गाङी हमारे देश के इंजिनीयर खुद विकसित कर सकें।

आत्मनिर्भर का मतलब यह नहीं है कि राॅडो की घङी फेककर टाईटन को लगा लेना है।
इसका मतलब है खुद राॅडो के समानान्तर घङी को बनाने की क्षमता विकसित करना है।

आत्मनिर्भर का मतलब यह नहीं है की देशी और विदेशी कंपनियों की लिस्ट बताकर जबरदस्ती देशी वस्तुएं खरीदना है।
इसका मतलब ऐसा ब्रांड खङा कर देना है की लोग स्वयं उसे अपने पसंद से खरीदना शुरु कर दें।

आत्मनिर्भर का मतलब यह नहीं है कि हम चीन के सामान का आयात बन्द कर दें।
इसका मतलब यह है की हमारा खुद का माल इतना सस्ता और अच्छा हो की चीन के माल को छोङकर लोग स्वयं ही उसे खरीद लें।

आत्मनिर्भर का मतलब यह नहीं है की आप दुनिया भर के साॅफ्टवेयर का इस्तेमाल बन्द कर दें।
इसका मतलब यह है की आप खुद इतना अच्छा साॅफ्टवेयर विकसित करें की दुनिया भर के लोग अपनी स्वेच्छा से उसका चयन करने को मजबूर हो जांय।

आत्मनिर्भर का मतलब यह नहीं की आप भीखमंगो की तरह अपने खाते में रुपये लेने का आग्रह करें।
इसका मतलब यह है की आप अपना उद्योग सरकार की मदद से लगाएं और धीरे-धीरे अपने पैरो पर खङे होते हुए सरकार का पैसा वापस कर दें।

आत्मनिर्भरता को अपने पूर्वाग्रह पर तौलना बन्द करिए।
नये सिरे से सोचना शुरु करिए।

आत्मनिर्भरता का मतलब स्वदेशी खरीददारी भी नहीं है।
इसका मतलब है देश और दुनिया को जिन वस्तुओं की, जिस क्वालिटी की आवश्यकता है, उन उन वस्तुओं को उन उन क्वालिटी का देश में बनाने की क्षमता विकसित करनी है।

आत्मनिर्भरता का मतलब देश और दुनिया में गिड़गिड़ा कर अपना माल बेचना नहीं है।
इसका मतलब है की अपनी क्वालिटी और ब्रांडिंग इस स्तर की करनी है की लोग “बाई च्वाईस” उसे खरीदें।।

आत्मनिर्भरता का मजाक उड़ाना स्वयं अपने वजूद का मजाक उड़ाना है।
आत्मनिर्भर होना हर व्यक्ति, समाज और राष्ट्र का स्वप्न होना ही चाहिए

One Reply on “आत्मनिर्भर का मतलब !!”

  1. परन्तु हम आत्मनिर्भर बनेंगे कैसे?

    जब तक हम अपने देश का समान नहीं खरीदेंगे, चाहे उसमे थोड़ी कमी ही क्यों ना हो। परन्तु लाभ हमारे देश का उत्पाद बनने वाली संस्थान को ही हो। जिस लाभ को वह संस्थान अपने वस्तु बनने के अनुसंधान और विकास में लगाए और उत्तम श्रेणी का विश्वस्तरीय उत्पाद बना सके।
    इसके लिए पहले कुछ समय हमको अपनी सुख सुविधा त्याग करके अपने ही देश की वस्तु खरीद कर अपने ही देश की वस्तु के विकास एवं अनुसंधान में पैसे लगाने का माध्यम बनना पड़ेगा।
    उसके पश्चात ही, सरकार की नीतियों और अनुसंधान के पक्ष के कानून के सहयोग से, हम विश्वस्तरीय वस्तु जैसे bmw, iphone, जैसे विश्वस्तरीय उत्पाद बनाने में सफल होंगे।

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